धान खरीदी केंद्रों के निरीक्षण पंजी में नोडल,प्राधिकृत का निरीक्षण नही के बराबर* *जब जिम्मेदारो ने खरीदी केंद्रों के परिवहन व्यवस्था का नही लिया जायजा* *जिले में धान सुखत के ये भी मुख्य जिम्मेदार*







बेमेतरा साजा- बेमेतरा जिला के सेवा सहकारी समितियों के धान खरीदी केंद्रों में धान सुखत का मामला तूल पकड़ने लगा है समितियों में आए धान सुखत  से प्रशासन के जिले में धान खरीदी व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठने लगा है लगभग समितियों में धान की मात्रा में अच्छी खासी सुखत की कमी पाई गई है । जबकि जिले के उच्च प्रशासनिक अधिकारी खरीदी पूर्व लगातार खरीदी की तैयारी और व्यवस्था पर बैठक प्रशिक्षण सहित तमाम दिशा निर्देश अधिकारी कर्मचारियों को दिए थे बावजूद उसके धान की मात्रा में सुखत की कमी आना आश्चर्यजनक है। वही प्रत्येक खरीदी केंद्रों में सतत निगरानी हेतु अलग अलग अधिकारियों को नियुक्त किया गया था वही जिले के खरीदी केंद्रों में बकायदा निरीक्षण पंजी भी बनाया जाता है जिसमे खरीदी का निरीक्षण करने वाले अधिकारी खरीदी के व्यवस्था को लेकर टीप सुझाव लिख हस्ताक्षर करते है परंतु विडंबना है की  1 नवंबर से 4 फरवरी तक धान खरीदी किया गया इस दौरान कई समितियों के खरीदी केंद्रों के निरीक्षण पंजी की यदि सूक्ष्मता से जांच की जावे तो जिले के नोडल अधिकारी समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों सहित ऐसे कई जिम्मेदार अधिकारियों ने पूरे खरीदी समय के दौरान एक या दो बार खरीदी केंद्रों के निरीक्षण का खाना पूर्ति किया है वही जिले के नोडल अधिकारी को शासकीय वाहन भी उपलब्ध है साथ ही उनको सहयोग करने एक सहायक नोडल भी बेमेतरा जिले में राजनीतिक दबदबा के चलते नियुक्त है जबकि सहायक नोडल अधिकारी का ऐसा कोई पद अन्य स्थानों पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का नियुक्त नही हुआ है सिर्फ बेमेतरा जिला ही एकमात्र जिला है जहा इस पद को लम्बे समय से एक ही व्यक्ति सु शोभित कर रहे उसके बावजूद नोडल अधिकारी और प्राधिकृत अधिकारियों ने धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्था को झांकने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाया यदि दिखाया होता तो जिले के खरीदी केंद्रों में इतनी मात्रा में धान सुखद की कहानी नही लिखी जाती मामले को लेकर इन अधिकारियों को भी कार्यवाही के कटघरे में लाया जाना चाहिए और इन्हें निरीक्षण पंजी के आधार पर जवाब तलब किया जाना चाहिए आखिर इन्होंने खरीदी केंद्रों में समय समय पर खरीदी व्यवस्था की निगरानी क्यों नही किया।

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