टुमेश कुमार जायसवाल बेमेतरा साजा –खराब शिक्षा व्यवस्था का इससे बेहतर उदाहरण आप और कहीं नहीं देख सकते,सैकड़ो बच्चों के भविष्य के साथ हो रहे हैं इस खिलवाड़ के लिए किसी की जिम्मेदारी तय नहीं। बता दे कि विगत 1 माह से इस स्कूल के सैकड़ों बच्चे केवल खाना खाकर वापस घर को लौट रहे है,कारण जानकार हैरान हो जाएंगे करोड़ों रुपए खर्च करके आत्मानंद जैसे भरोसेमंद स्कूल प्रारंभ करने वाले शासन प्रशासन की नजर इस स्कूल पर अब तक नही पड़ी है,इस शिक्षक विहीन स्कूल का नाम है सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम शासकीय प्राथमिक शाला साजा।
*पालकों ने कहा–सरकार व जनप्रतिनिधि के दावे फेल*
इस घटना ने सरकारी स्कूल में भरपूर शिक्षक होने के दावे की पूरी तरह से पोल खोल दिया है । बच्चे और उनके पालक दोनों ही बहुत पछतावा कर रहे हैं उनका मानना है कि सरकारी स्कूल में बच्चों को भर्ती करने का खामियाजा भुगत रहे है। एक भी शिक्षक की व्यवस्था करने में नाकाम रहे शिक्षा कार्यलय के पास जवाब देने के लिए कुछ शब्द नही रह गया है। पढ़ाई में पूरी तरह पीछे रह गए बच्चों के लिए के लिए साल खराब होने का भय सताने लगा है।
*जिम्मेदार अधिकारी हाथ में हाथ धरे बैठे*
शिक्षकों के संलग्निकरण के कारण स्कूल के सभी शिक्षक मूल शाला में वापस चले गए इसकी वजह से सरकारी सीबीएससी अंग्रेजी माध्यमिक स्कूल शिक्षक विहीन रह गया है,लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से शाला में पढ़ाई कराया जा सक्ता था बावजूद अभी भी अधिकारीगण हाथ में हाथ धरे नजर आ रहे है।
*स्कूली मासूम बच्चो का का क़्या दोष*
शिक्षकों के नहीं होने से बच्चों का जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई संभव नहीं है मासूम विद्यार्थी जीवन बर्बाद किया जा रहा है बिना तैयारी के स्कूल खोलने का खामियाजा भुगत रहे ये मासूम बचपन इस तरह के शिक्षा व्यवस्था से पूछता है कि इसमें हमारा क्या दोष है।
*वर्जन*
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मुझे इस मामले में आपसे ही पता चला है,पालकगण धैर्य रखे,जल्द ही शिक्षक की कमी पूर्ति कर दी जाएगी, बच्चों का भविष्य के साथ खिलवाड़ नही होगा।
*सुनील जैन*
संचालक,लोक शिक्षण संचालक,रायपुर
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डीईओ कार्यालय बेमेतरा की ओर से शिक्षकों की मांग संबंधी प्रस्ताव डीपीआई रायपुर को भेजा गया है। जल्द ही निराकरण होगा।
*नीलेश चंद्रवंशी*
खंड शिक्षाधिकारी,साजा
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यदि सप्ताहांत तक शिक्षको की वैकल्पिक व्यवस्था नही की जाती है तो हमे मजबूरन ही स्कूल में तालाबंदी करके धरने में बैठना होगा,अब इसके अलावा और रास्ता नजर नही आता है,विगत 1 महीने से पढ़ाई शून्य है,दुर्भाग्य की बात है कि शिक्षामंत्री के मुख्यालय में इस तरह से बच्चो के साथ अन्याय हो रहा है। जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के लिए यह बड़े ही शर्म का विषय है।
*पालकगण*
सीबीएसई स्कूल,साजा




