लईका हरेली तिहार मे छात्र छात्राओं ने दी मनमोहक प्रस्तुति*

 




*लईका हरेली तिहार मे छात्र छात्राओं ने दी मनमोहक प्रस्तुति*

 

*आज शासकीय प्राथमिक शाला व पूर्व माध्यमिक शाला खपरी धोबी मे बच्चों की अभिव्यक्ति कौशल को निखारने व छत्तीसगढ़ की गीत संगीत तीज तिहार संस्कृति को बच्चों को बताने के लिए विद्यालय परिवार*लईका हरेली भोजली तिहार*का आयोजन किया*


सबसे पहले शिक्षिका रूखमणी सेन,विजय लक्ष्मी रावत,थुकेल राम तारम, चंद्र शेखर कश्यप, द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी व सरस्वती माता साथ ही किसानों का हल (नांगर,)की पुजा अर्चना कर आरंभ किया गया, तत्पश्चात गांव की किसान पालको का पुष्पमाला व गुलाल लगाकर स्वागत किया गया,

मंचीय प्रस्तुति बालिकाओं द्वारा आयेव हमर अंगना जय होवय तुहर अतिथि जय होवय तुहर हो,की सुन्दर छत्तीसगढ़ी मे स्वागत गीत की प्रस्तुति दी,


विद्यालय का सफाई कर्मी रूपचंद यादव ने यादव की भूमिका निभाते हुऐ प्रमुख दुवार से सभी विद्यालय भवन की कक्षा मे नीम की डाली लटकाया और और विद्यालय और बच्चों के लिए शुभ आशीर्वाद लिये,

धरती माता की वंदना के रूप मे जतन करव धरती के संगी जतन करव रे, चित्रलेखा व साथियों की शानदार प्रस्तुति रही,मनभावन हे हरेली तिहार,आगे आगे हरेली तिहार,हरियर हे हरेली तिहार,सुवा गीत,देवी गंगा देवी गंगा भोजली गीत की नृत्य सहित बच्चों ने प्रस्तुति दी, नन्हे कलाकार -दानवीर निर्मलकर लक्ष्य निर्मलकर सूरज निर्मलकर कौशल निर्मलकर प्रीति रीना निशा चित्रलेखा वेदिका बिंदु मनीषा लवली निर्मलकर तृप्ति दिव्या तीव्रता कुमकुम प्राची लिसा रूपाली प्रमिला तारिणी हिमानी पल्लवी खुशी एकता कविता रेनू दुर्गेश्वरी महिमा उमा रही,लईका हरेली का आयोजन प्रधान पाठक धनेश रजक के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ, उन्हीं का गीत संगीत चयन,उन्हीं का कोरियोग्राफी रहा,सभी बच्चों को शिक्षिका विजय लक्ष्मी रावत व स्वयं सेवी शिक्षिका गुनिता निर्मलकर, यामिनी निर्मलकर ने तैयार किया,

प्रधान पाठक धनेश रजक ने लईका हरेली तिहार मनाने का उद्देश्य बताया की स्कूली बच्चे अपने राज्य की गीत संगीत तीज त्यौहार से जुड़े रहे जाने समझे की हमारे पूर्वज इस त्योहार को क्यूं मनाते थे कोन कोन सा वस्तुओं का उपकरणों का इस त्योहार मे पुजा पाठ किया जाता है,आगे कहा बच्चों को बतया कि कृषि की शुरुआत का प्रतीक हरेली त्योहार खेती किसानी के नये मौसम की शुरुआत को दर्शाता है किसान इस दिन अपने कृषि उपकरणों जैसे हल गैंती फावड़ा आदि की पुजा करते हैं इससे यह मान्यता जुडी़ है की उपकरणों की पुजा से अच्छी फसल और समृद्धि होती है, प्रकृति और हरियाली का उत्सव *हरेली*शब्द का मतलब ही होता है *हरियाली*और कहा आप सभी हमारे स्कूली बेटियां खुब बधाई के पात्र हो जो हर एक घर से सुंदर भोजली उगाये हो और सुन्दर देखभाल कर बड़ा किये हो आज कार्यक्रम मे चार चांद लगा दिये,

लईका हरेली मे सभी छात्र छात्राएं,पालकगण,व ग्रामवासी व शिक्षक शिक्षिका उपस्थित रहे,

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