साजा एक तरफ सरकार पूरे राज्य में शिक्षा को बढ़ावा देने पढबो पढ़ाबो स्कूल जाबो जैसे अभियान चला नारे दे रही और खास कर बेटियो की शिक्षा को लेकर विभिन्न योजनाएं बना रही वही एक ऐसी बेटी सरिता जो अपने पिता के साथ सड़क पर ऐसे जोखिम भरे खेल करतब दिखा अपना और परिवार का पेट पाल रही ऐसे में एक बड़ा सवाल सरकार की बेटियो बच्चो के लिए चलाए जा रहे अभियान योजनाओं पर उठता है आखिर कहा है शासन प्रशासन के जिम्मेदार और सरिता जैसी बेटी की तरफ आखिर उनका ध्यान क्यों नही जाता बाल आयोग पर भी उंगली उठती है आखिर इस विभाग की भूमिका और कार्य क्या है सड़को पर खतरनाक खेल करतब दिखाने वाली सरिता जुबान से भले ना बोले पर समाज और सरकार को यह संदेश जरूर देती नजर आ रही की मुझसे मेरा बचपन छीना जा रहा।

